Saturday, 9 June 2018

क्यों नहीं मिल रहा है राजयोग का फल, प्राप्त करने के लिए क्या करें? भाग 1



क्या आपकी कुंडली में अनेक राजयोग हैं? क्या आप को इनका लाभ मिल रहा है? अगर नहीं तो यह लेख आपके लिए विशेष रूप से है।

कई बार लोगों के अनेक राजयोग होते हैं परन्तु वह फिर भी वह अपने जीवन में किसी भी प्रकार की सफलता प्राप्त नहीं कर पाता।ऐसा क्यों होता है?

ऐसा होने के कई कारण हैं - 

1. लग्नेश का बली न होना।
2. लग्नेश वक्री होना।
3. लग्नेश पर राहु अथवा शनि की दृष्टि अथवा युति होना और विशेषतः उस समय जब लग्नेश इनका शत्रु हो।
4. लग्नेश नीच अथवा शत्रु राशि में होना।
5. राजयोगकारी ग्रह का नीच गामी होना।
6. सबसे महत्वपूर्ण है कि सूर्य और चंद्र का पीड़ित होना।

ऐसा क्यों होता है कि आपको लाभ नहीं मिलता -

1. लग्नेश पर प्रभाव - लग्नेश स्वयं आपको ही निरूपित करता है।जब लग्नेश में ही दोष है( अर्थात ऊपर दिए गए बिन्दुओं में लग्नेश से संबंधित दोष) अतः आपका स्वभाव ही आपको आगे बढने से रोक देता है ।
2. चंद्र और सूर्य का पीड़ित होना - चन्द्रमा मन का कारक है। अब यदि आपका मन ही स्थिर नहीं है तो आप सफलता प्राप्त नहीं कर सकते हैं । सूर्य आत्मविश्वास का कारक होता है  यदि आत्मविश्वास ही नहीं है तो आप किसी भी सफलता के योग्य नहीं बन सकते। 

आगे के लेख में हम इन राजयोगों का फायदा लेने के लिए क्या करें , इसके बारे में बताएंगे। 

आशा है कि आपको यह लेख पसंद आया होगा। 

धन्यवाद।। 



Friday, 8 June 2018

शुक्र बदलेंगे राशि - क्या होगा आपकी राशि पर प्रभाव



शुक्र दिनांक 9 जून 2018 को मिथुन राशि से कर्क राशि में प्रवेश करेंगे, जिसका आपकी राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा आइए जानते हैं - 




मेष राशि -
           मेष राशि के जातकों के लिए यह गोचर सभी ऐश्वर्यों को प्रदान करने वाला है। जमीन, वाहन को प्राप्त कर सकते हैं। माता के स्वास्थ्य अनुकूल रहेगा। वैवाहिक जीवन में भी खुशियाँ आ सकती है। धन प्राप्ति के योग बन रहे हैं। यह गोचर आपके लिए अनुकूल रह सकता है ।







वृषभ राशि -
           वृषभ राशि के जातकों के लिए यह गोचर शुभ संकेत देेता प्रतीत हो रहा है। आप जिस भी क्षेत्र में प्रयास करेंगे सफलता मिलने की पूर्ण संभावना है। यह आपको जमीन जायदाद दिलाने के पूर्ण योग बना रहा है।








मिथुन राशि -
               मिथुन राशि से जातकों के लिए धन लाभ की प्रबल संभावना है। विद्यार्थियों के लिए यह बहुत ही शुभ संकेत है। विद्यार्थियों को सफलता मिल सकती है। धन व्यय के योग हैं अतः सोच समझकर व्यय करें।







कर्क राशि -
           कर्क राशि के  जातकों के लिए कुछ सावधानी रखने की आवश्यकता है। भावनाओं में आकर कोई निर्णय नहीं लें। गलत कामों को करने से बचें। भगवान शिव की पूजा करेंं।









सिंह राशि - 
           सिंह राशि के लिए यह गोचर शुभ फलदायी और सभी सुुख सुविधाओं को प्रदान करने वाला है। व्यय बढेेगा परन्तु यह केवल सुख सुविधाओं के लिए ही होगा।







कन्या राशि - 
            कन्या राशि के जातकों के लिए यह गोचर खुशियों की सौगात साबित हो सकता है। आपकी प्रत्येक मनोकामना पूर्ण हो सकती है। आय में वृद्धि होगी और भाग्य का पूर्ण सहयोग मिलेगा।








तुला राशि - 
           तुला राशि के जातकों को अपने कार्यक्षेत्र में उन्नति की पूर्ण संभावना है। जमीन जायदाद के मामले में भी फाायद होने की संभावना है। मन में कुुुछ अशांति रह सकती है। मां दुर्गा की आराधना करें।










वृश्चिक राशि - 
              वृश्चिक राशि के जातकों के लिए भी भाग्य में वृद्धि का कारण यह गोचर बन सकता है, लेकिन मेहनत करनी होगी। सभी सुुख सुविधाओं का भोग प्राप्ति के योग बन रहे हैं। कुछ अशांति भी घेर सकती है।







धनु राशि - 
          धनु राशि के जातकों के लिए धन मिलने की उम्मीद है। रोग में वृद्धि हो सकती है अतः सावधानी बरतें। मनोकामनाएं पूर्ण होने की संभावना है और
आय के मामले में भी यह शुभ संकेत है। आय के साधनों में वृद्धि हो सकती है ।







मकर राशि - 
         मकर राशि के जातकों के लिए शुक्र का यह गोचर पराक्रम में वृद्धि करेेगा और सफलता भी प्रााप्त होने की संभावना है। सभी सुख सुविधाओं का लाभ मिलेगाा। कार्य क्षेत्र में वृृद्धि के भी आसार हैं।








कुंभ राशि - 
            कुंभ राशि के  के लिए यह गोचर सावधानी का संकेत दे रहा है अतः स्ववास्थ्य के प्रति सावधानी बरतेंं। सभी सुख सुविधाओं का आनंंद मिलने की उम्मीद है। कार्य क्षेत्र में सफलता मिल सकती है। कुल मिलाकर यह स्वास्थ्य के लिए प्रतिकूल साबित हो सकता है।








मीन राशि - 
            मीन राशि के जातकों के अंदर कला क्षेत्र की ओर रुझान बढ सकता है। विद्यार्थियों का पढाई में मन कम लग सकता है। लाभ मिलने के आसार हैं। मनोकामनाएं पूर्ण हो सकती है। यह गोचर अनुकूल है।

Tuesday, 5 June 2018

क्या आप बन सकते हैं एक प्रसिद्ध कलाकार - कलानिधि योग


क्या आप कोई कला के क्षेत्र जैसे अभिनय, गायन में जाना चाहते हैं? 

क्या आप विश्वप्रसिद्ध कलाकार बन सकते हैं? 

हम चर्चा कर रहे हैं कलानिधि योग की।

आइए जानते हैं कब घटित होता है यह राजयोग - 

द्वितीये पंचमे जीवे बुधशुक्रयुतेक्षिते। 
क्षेत्रे तवोर्या सम्प्राप्ते स्यात्स योग कलानिधे।।

अर्थात् द्वितीय, पंचम भाव में स्थित बृहस्पति का संबंध किसी प्रकार से बुध और शुक्र से हो तो यह राजयोग घटित होता है।

अगर आपके भी यह राजयोग घटित होता है तो आप भी विश्वप्रसिद्ध कलाकार बन सकते हैं।

आशा है कि आपको यह लेख पसंद आया होगा।

धन्यवाद। 

Monday, 4 June 2018

लक्ष्मी योग - क्या आप बनेंगे धनवान



क्या आपकी कुंडली में बन रहा है लक्ष्मी योग ? क्या आप भी होंगे कभी धनवान ?

आइए चर्चा प्रारम्भ करते हैं -  

कब घटित होता है यह राजयोग -  

केन्द्रे मूलत्रिकोणस्थे भाग्येशे परमोच्चयगे।
लग्नाधिपे बलाढ्ये च लक्ष्मी योग इतीरिति।।

अर्थात् भाग्येश केन्द्र में अथवा त्रिकोण में उच्च का स्थित हो और लग्नेश भी बली हो तो लक्ष्मी योग बनता है।

राजयोग के लाभ -

सुरूपो गुणवान् भूपो बहुपुत्रोधनान्वितः।
यशस्वी धर्मसम्पन्नो लक्ष्मी योगे जने भवेत्।।   

अर्थात् लक्ष्मी योग में उत्पन्न जातक सुरूप, गुणवान, राजा, बहुत पुत्रों से युक्त,यशस्वी, धर्म सम्पन्न होता है।

आइए जानते हैं एक उदाहरण से -











दर्शाई गई कुंडली में लग्नेश मंगल बनते हैं जो कि उच्च राशि के साथ- साथ दिग्बली भी हैं और दशमस्थ हैं। कुंडली के भाग्येश बनते हैं बृहस्पति जो उच्च के होकर चतुर्थ भाव में स्थित है।

अतः लक्ष्मी योग की स्थिति यहाँ बन रही है।

क्या आपके भाग्येश उच्च राशि में है -  

जानने के लिए उच्च राशि देखें - https://arastrology.blogspot.com/2018/05/5.html?m=1

आशा है कि आपको यह लेख पसंद आया होगा।

धन्यवाद।। 

Sunday, 3 June 2018

किस व्यवसाय क्षेत्र में मिलेगी सफलता



वर्तमान समय में सभी इस बात को लेकर काफी भ्रमित रहते हैं कि क्या हम व्यापार करें अथवा नौकरी करें?
हम आपको आज इसी विषय पर बतायेंगे कि क्या आपको व्यापार में लाभ की संभावना है, यदि है तो कौन से व्यापार में। अगर नुकसान हो सकता है तो किस प्रकार से। उस नुकसान से बचने के लिए क्या करें।

आइए चर्चा प्रारम्भ करते हैं - 

व्यापार के योग-

अगर आप व्यापार करने के इच्छुक हैं तो सबसे पहले अपनी कुंडली में बुध की स्थिति को देखिए, यदि बुध लग्न से किसी प्रकार का संबंध बना ले तो यह अति उत्तम है।
अगर बुध का लग्न से सम्बंध नहीं हो और यदि बुध केन्द्र अथवा त्रिकोण में स्थित है यह भी व्यापार के लिए उत्तम योग है। उसके पश्चात सप्तम भाव में यदि शुभ ग्रह हो तो यह एक उत्तम व्यापारी के योग हैं।
बड़े व्यापारी बनने के लिए शनि की अच्छी स्थिति भी आवश्यक है। यदि शनि ग्यारहवें भाव से किसी प्रकार संबंध बना ले तो यह भी व्यापारी बनने का बहुत प्रबल उदाहरण है।
व्यापार के लिए दशमेश और सप्तमेश की स्थिति अत्यावश्यक है यदि ये केन्द्र अथवा त्रिकोण में स्थित है तो आप के लिए व्यापार करना सर्वथा उचित है।

नौकरी के योग - 

अगर दशमेश अथवा सप्तमेश में से कोई एक अथवा दोनों यदि षष्ठ, अष्ट अथवा बाहरवें भाव में हो तो यह व्यापार के लिए उचित स्थिति नहीं है।
परन्तु यदि दशमेश अथवा सप्तमेश पाप ग्रह हो और यदि षष्टमभावगत हो तो यह भी व्यापार के लिए उचित है। इसके अतिरिक्त यदि दशमेश अथवा सप्तमेश कोई राजयोग का निर्माण कर रहे हैं तो यह भी व्यापार के लिए उचित है।

किस क्षेत्र में सफलता मिलेगी - 

सफलता के लिए यदि पंचमेश, नवमेश अथवा लग्नेश की वस्तुओं से संबंधित व्यवसाय किया जाये तो यह उत्तम होगा परन्तु उनकी स्थिति को जानना भी आवश्यक है।

नुकसान की संभावना - 

व्यापार के लिए सामान्यतः कुछ लोग केवल बुध, सप्तमेश और दशमेश को ही देखते हैं। परन्तु यदि आपको एक प्रसिद्ध व्यापारी बनना है तो शनि की स्थिति भी इसमें अहम भूमिका निभाएगी क्योंकि शनि नौकरों का कारक है यदि नौकरों से व्यक्ति को नुकसान की संभावना होगी तो व्यापार कैसे हो सकता है?

इसके अतिरिक्त ग्रह दशा भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।

नुकसान से बचने के लिए क्या करें - 

इसके बारे में हम विस्तृत जानकारी अपने एक अन्य लेख में देंगे।

अगर आप भी अपने व्यवसाय के प्रति भ्रमित हैं तो आपके लिए यह लेख अतिविशिष्ट है। 

आशा है कि आपको यह लेख पसंद आया होगा। 

धन्यवाद।। 


Saturday, 2 June 2018

क्या आप होंगे विश्वप्रसिद्ध



क्या आप विश्वप्रसिद्ध बन सकते हैं? 

अगर आपके भी यह राजयोग घटित होता है तो आप भी विश्वप्रसिद्ध बन सकते हैं। 

हम चर्चा कर रहे हैं अमला कीर्ति योग की। 

आइए जानते हैं कब घटित होता है यह राजयोग - 

लग्नाद्वा चन्द्रलग्नाद्वा दशमेशुभसंयुते।
योगोऽयममला नाम कीर्तिराचन्द्रतारकी।। 

अर्थात् लग्न से अथवा चन्द्रलग्न से यदि दशम भाव में शुभ ग्रह स्थित हो तो यह राजयोग घटित होता है और इस राजयोग में जन्मे जातक का नाम चाँद, तारों के रहने तक रहता है।

विशेष - यह उस समय और अधिक प्रभावी हो जाता है जब चंद्र एवं लग्न दोनों में शुभ ग्रह स्थित हो। 


आइए  एक उदाहरण से समझने की कोशिश करते हैं - 

उदाहरण के अनुसार लग्न से दशम भाव में चंद्रमा स्थित है और दशमस्थ चंद्रमा से दशम में शुक्र स्थित है अतः यहाँ अमला योग घटित होता है। 

यदि आपकी कुंडली में यह राजयोग है तो आप भी विश्वप्रसिद्ध बन सकते हैं । 

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धन्यवाद ।। 

Friday, 1 June 2018

है यदि यह राजयोग तो सफल हो सकते हैं बिजनेस में



यह राजयोग बिल गेट्स जैसे महान् बिजनेसमैन की कुंडली में देखने को मिलते है। क्या आप के भी यह राजयोग घटित होता है?

हम बात कर रहे हैं पंच महापुरुष राजयोगों में से एक भद्र नामक महापुरुष राजयोग की।

कैसे बनता है ये राजयोग -     
 
जब बुध स्वराशि, उच्च राशि अथवा मूलत्रिकोण राशि (मिथुन तथा कन्या राशि ) में आकर यदि केन्द्र(1,4,7,10 भाव) में स्थित हो तो यह पंच महापुरुष राजयोग बनता है।
यदि आप बुध की स्वराशि, उच्चराशि एवं मूलत्रिकोण राशि के बारे में जानने के लिए देखें 
- https://arastrology.blogspot.com/2018/05/5.html?m=1
https://arastrology.blogspot.com/2018/05/7.html?m=1
https://arastrology.blogspot.com/2018/04/blog-post_27.html?m=1


उदाहरण के लिए एक कुंडली नीचे है जिसमें बुध को केन्द्र में तथा स्वराशियों में दिखाया गया है। यदि आपके ऐसी स्थिति है तो आपके बुध का भद्रयोग घटित हो रहा है।










यदि आपकी कुंडली में यह राजयोग है तो आप एक सफल बिजनेसमैन बन सकते हैं।

आशा है कि आपको यह लेख पसंद आया होगा।  

धन्यवाद।

शरीर के तिल से जाने अपने बारे में

शरीर के तिल से जाने अपने बारे में - 1. यदि चेहरे के दाहिने भाग में काला अथवा लाल तिल हो तो व्यक्ति सम्पन्नता और समृद्धि से परिपू...